2018 तक होगा 5 लाख टन दालों का भंडार

नई दिल्ली- दालों में बढती तेजी को देखते हुए खाद्य ,नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मंत्रालय ने दालों की कीमतों पर नियंत्रण, जमाखोरी रोकने और सट्टेबाजी को नियंत्रित करने के लिए वर्ष 2018 तक दालों का 5 लाख टन का भण्डार बनाने की रणनीति बनाई है. संसद की एक समिति को उपभोक्ता मामलों के विभाग ने बताया कि हमारा अंतिम लक्ष्य यही है कि 2018 तक 5 लाख टन दालों का भण्डार हो,ताकि व्यापारी सट्टेबाजी न कर सके और दाम न बढे.

लगातार दूसरे साल सूखा पड़ने से दलहन की स्तिथि अच्छी नहीं है.दालों की मूल्य वृद्धि और जमाखोरी को रोकने के लिए हर सप्ताह बैठक की जाती है.ऐसे ही हर 15 दिनों में प्रवर्तअभिकरणों,आयकर,सूचना निदेशालय,गुप्तचर ब्यूरो के अलावा दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा और राजस्थान पुलिस के साथ बैठक की जाती है.

दालों की उपलब्धता बढाने के लिए सरकार ने घरेलू बाजार से 45 हजार टन अरहर और 5 हजार टन उडद दाल की खरीदी की है.सरकार ने डेढ़ लाख टन दालों का बफर स्टाक बनाने का निर्णय लिया है.केंद्र सरकार राज्यों को 66 रु.प्रति किलो की दर से अरहर उपलब्ध करा रही है.जिसे वह दाल बनाकर 120 रु. प्रति किलो की दर बाजार में उपलब्ध करा सकती है.

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