सर्वे : खुद के घर की बजाय किराये पर रहना ज्यादा है पसंद

सर्वे : खुद के घर की बजाय किराये पर रहना ज्यादा है पसंद

नई दिल्ली : जहाँ एक तरफ महंगाई की मार बढ़ती ही जा रही है वहीँ दूसरी तरफ यह बात भी सामने आई है कि इस महंगाई के दौर में रियल एस्टेट सेक्टर में भी नरमी आई है. यह देखने में आ रहा है कि रियल एस्टेट सेक्टर ने काफी समय से सुस्ती का दौर बना हुआ है. इसके चलते यह बात भी सामने आई है कि रियल एस्टेट में ना बिकने वाले घरों का लेवल एक रिकॉर्ड स्तर को छू रहा है. इस मामले में हाल ही में किये गए एक सर्वे में यह बात भी सामने आ रही है कि लगभग 40 प्रतिशत लोगों ने घर को खरीदने की बजाय किराये पर रहना पसंद किया है.

इसको देखते हुए एक रियल्टी पोर्टल ने सरकार को कुछ सुझाव भी दिए है जिसके तहत यह कहा है कि प्राइवेट डेवलपर्स से घर को खरीदकर यदि लोगों को रेंट पर दिया जाये ताकि इससे ना केवल शहरीकरण पर लगाम लगाई बल्कि प्रॉपर्टी की कीमत पर भी लगाम लगाई जाएगी. इस मामले में जारी रिपोर्ट से यह बात भी सामने आई है कि फ़िलहाल देश में करीब 1 करोड़ 2 लाख मकान खाली पड़े हुए है और शहरी क्षेत्रो में अभी 1 करोड़ 90 लाख मकानों की जरुरत बनी हुई है.

इस मामले में यह भी कहा गया है कि जहाँ 55 प्रतिशत मकान सालाना 1 लाख रूपये से कम की आय वालों के लिए है वहीं 40 प्रतिशत मकान 1 से 2 लाख रुपए सालाना आय वालों के लिए है. बताया जा रहा है कि रियल एस्टेट की यह स्थिति प्रॉपर्टी की ओवर सप्लाई के कारण हो रही है.