किसी को सिर में लगा आंसूगैस का गोला, किसी ने सेना पर किया हमला

कुपवाड़ा ​: कश्मीर में हिेंसा भड़कने से करीब 40 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई जबकि 47 घायल हो गए। इस गोलीबारी में एक युवक की मौत भी हो गई। चार दिनों की अशांत माहौल के कारण कई क्षेत्रों पर असर हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार लगभग 100 किलोमीटर दूर कुपवाड़ा के नाथनुसा क्षेत्र में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान सेना के कैंप पर पथराव हुआ। जवाब में सुरक्षाबलों की ओर से की गई गोलीबारी की घटना में 18 वर्ष के आरिफ हुसैन डार की मौत हो गई।

राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने हिंसक घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा है कि राज्य में शांति भंग करने के प्रयास करने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उनके विरूद्ध सतर्क रहने की भी उन्होंने अपील की। दरअसल हिंसा भड़कने की शुरूआत एक युवती के साथ छेड़खानी किए जाने के विरोध में हुई थी।

इस विरोध प्रदर्शन के बीच हंदवाड़ा में तीन लोगों की मौत को लेकर और पूरे क्षेत्र में हिंसा भड़कने को लेकर सेना के एक अधिकारी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने अपने अपना प्रदर्शन उग्र करते हुए सेना के कैंप पर धावा बोल दिया। ऐसे में सुरक्षाबलों ने गोलियां चला दीं। सैन्य अधिकारी ने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों का समूह सेना के कैंप पर पथराव कर रहा था। सैनिकों ने संयम बरता मगर इसके बाद भी भीड़ उग्र हो गई।

जब प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न दिशाओं से कैंप पर हमला करने का प्रयास किया तो सेना ने मोर्चा संभाला। अधिकारियों ने कहा कि उत्तरी कश्मीर में हालात बेकाबू हो गए थे। कश्मीर के हीरी में शौकत अहमद गनई को सिर में ही आंसू गैस के गोले लग गए और उसे चिकित्सालय में भर्ती करवा दिया गया।

इसके बाद कुपवाड़ा में प्रदर्शन के दौरान पोशपुरा के सजाद अहमद भट के पैर में भी गोली लग गई। राज्य में सुरक्षाबल संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात हो गए हैं वहीं सरकार ने स्थिति पर नियंत्रण रखने के निर्देश सुरक्षाबलों को दिए हैं। 

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