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1984 गैस त्रासदी: जब भोपाल की सड़कों पर मौत ने किया था तांडव, सिर्फ दो दिन में मर गए थे हज़ारों लोग

Dec 02 2019 11:22 AM
1984 गैस त्रासदी: जब भोपाल की सड़कों पर मौत ने किया था तांडव, सिर्फ दो दिन में मर गए थे हज़ारों लोग

2 दिसंबर 1984 को भारतीय इतिहास का काला दिन माना जाता है, इस दिन मध्य प्रदेश के भोपाल में यूनियन कार्बाइड के कारखाने से जहरीली गैस का रिसाव हुआ था। यह इतिहास का सबसे भीषण औद्योगिक हादसा था। यूनियन कार्बाइड कारखाने के 610 नंबर के टैंक में खतरनाक मिथाइल आइसोसाइनाइट रसायन भरा हुआ था। टैंक में पानी पहुंच गया। जिससे तापमान 200 डिग्री तक पहुंच गया।

जिसके बाद ब्लास्ट के साथ टैंक का सेफ्टी वाल्व उड़ गया। उस वक़्त 42 टन जहरीली गैस का रिसाव हुआ था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 3,787 की मौत हुई। जबकि, कई एनजीओ का दावा है कि मौत का आंकड़ा 10 से 15 हजार के बीच था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, गैस से लगभग 5,58,125 लोग प्रभावित हुए थे। इनमें से लगभग 4000 लोग ऐसे थे जो गैस के प्रभाव से परमानेंट डिसेबल हो गए थे, जबकि 38,478 को सांस से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ा था। 

दिसंबर 1984 में हुआ भोपाल गैस कांड विश्व की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी थी। उस समय एंडरसन यूनियन कार्बाइड का हेड था। उसे घटना के चार दिन बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। किन्तु जमानत मिलने के बाद वह छुपकर अमेरिका भाग गया और उसके बाद फिर कभी भारतीय कानून के शिकंजे में नहीं आया। कुछ रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया गया था कि एंडरसन को अमेरिका भगाने में तात्कालीन कांग्रेस सरकार का हाथ था।

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