17 राज्यों को 9,871 करोड़ रुपये का मासिक राजस्व घाटा अनुदान प्राप्त हुआ

 

मासिक पोस्ट-डिवोल्यूशन रेवेन्यू डेफिसिट फंड की दसवीं किस्त सत्रह राज्यों (PDRD) को वितरित की जाएगी। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में, पात्र राज्यों को पोस्ट डिवोल्यूशन रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट के रूप में कुल 98,710 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

आंध्र प्रदेश, असम, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, त्रिपुरा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल को इसका लाभ मिल रहा है।

संविधान का अनुच्छेद 275 राज्यों को हस्तांतरण के बाद राजस्व घाटा अनुदान प्रदान करता है। हस्तांतरण के बाद राज्य के राजस्व खातों में कमी को बंद करने के लिए पंद्रहवें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार राज्यों को अनुदान वितरित किया जाता है। आयोग ने प्रस्ताव दिया है कि 17 राज्यों को पीडीआरडी अनुदान मिले, जो मासिक किश्तों में वितरित किए जा रहे हैं।

आयोग ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए निर्धारित हस्तांतरण को ध्यान में रखते हुए इस अनुदान के लिए राज्यों की पात्रता और राज्य के निर्धारित राजस्व और व्यय के बीच के अंतर के आधार पर अनुदान की राशि का निर्धारण किया। वित्तीय वर्ष 2021-22 में पंद्रहवें वित्त आयोग ने 17 राज्यों को कुल पोस्ट डिवोल्यूशन रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट 1,18,452 करोड़ रुपये देने की सिफारिश की है। अब तक कुल 98,710 करोड़ रुपये (83.33 फीसदी) जारी किए जा चुके हैं।

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