14 अप्रैल को है पंजाब का दूसरा प्रमुख पर्व बैसाखी

Apr 13 2019 08:40 PM
14 अप्रैल को है पंजाब का दूसरा प्रमुख पर्व बैसाखी

आप सभी को बता दें कि पंजाब का दूसरा प्रमुख पर्व बैसाखी 14 अप्रैल को मनाया जाएगा. ऐसे में इस बार यह पर्व रवविार को पड़ रहा है और यह पर्व रवि की फसल आने की खुशी में मनाया जाता है. कहते हैं किसान इस दिन खुशी मनाकर ईश्‍वर को धन्यवाद देते हैं. आप सभी को बता दें कि बैसाखी के दिन ही सिखों के 10वें गुरु ने खालसा पंथ की नींव रखी थी. आप सभी को बता दें कि इस दिन सिख सुबह जल्दी स्नान करके और नए कपड़े पहनकर पास के मंदिर व गुरुद्वारों में दर्शन करने जाते हैं और लोग पकवान बनाते हैं और सभी मिलकर ढोल भांगड़े के साथ खुशियों का इजहार करते हैं.


हिन्दुओं के लिए बैसाखी का महत्व- आप सभी को बता दें कि सिखों के जैसे भी इस पर्व को खास मानते हैं। 1875 में इसी दिन स्वामी दयानंद सरस्वती ने आर्य समाज की स्थापना की थी। वहीं कुछ मतों का मानना है कि इसी दिन भगवान बुद्ध को ज्ञान की भी प्राप्ति हुई थी।

यूपी में बिहार में खाते हैं सत्तू- कहते हैं बैसाखी के दिन यूपी बिहार के कई इलाकों में लोग सत्तू (भुने चना का आटा) खाते। लोगों ब्राह्मणों का दान देते हैं और उन्हें भोजन कराते हैं.

आपको बता दें कि बैसाखी पर्व को सिख समुदाय नए साल के रूप में मनाते हैं और साल 2019 में रविवार, 14 अप्रैल को बैसाखी का पर्व मनाया जा रहा है. ऐसे में बैसाखी बैसाख (वैशाख) माह से बना है और बैसाखी मुख्यत: कृषि पर्व है जिसे दूसरे नाम से 'खेती का पर्व' भी कहा जाता है. कहते हैं यह पर्व किसान फसल काटने के बाद नए साल की खुशियां के रूप में मनाना पसंद करते हैं.

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