+

नेताजी की भैंस की खोज में लगे छह थानों के 130 कर्मचारी

Apr 25 2018 03:10 PM
नेताजी की भैंस की खोज में लगे छह थानों के 130 कर्मचारी

राजगढ़: देश में जहा बड़े बड़े अपराधियों को पुलिस ढूंढ नहीं पा रही है वही नेताजी की भैंस खो जाने पर वो अक्सर मुस्तैद हो जाया करती है. ताज़ा मामले में कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रताप मंडलोई की चोरी गई तीन भैंसों को ढ़ूढ़ने के लिए छह थानों की पुलिस ने पिछले तीन दिन में इलाके का चप्पा-चप्पा  छान मारा. 6 थानों के 130 पुलिसकर्मी रोज दल-बल के साथ संदिग्ध गांव माचलपुर में दबिश दे रहे हैं.

इतनी मशक्कत के बाद भी भैंसों व चोरों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी है. पुलिस ने मंगलवार को तड़के गांव की घेराबंदी की. 50 पुलिस वालों ने कई घरों की तलाशी ली, लेकिन खाली हाथ लौटना पड़ा. पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद का कहना है कि आरोपित जिस वाहन में भैंसों को लेकर गए थे, वह गाड़ी जब्त कर ली है. कुछ आरोपितों को भी हिरासत में लिया है.
 

मंडलोई की तीन भैंसों को उनके कालीपीठ स्थित घर से 20-21 अप्रैल की दरमियानी रात अज्ञात बदमाश चुरा ले गए थे. इसके बाद से कालीपीठ, राजगढ़ कोतवाली, ब्यावरा सिटी, करनवास, सारंगपुर, माचलपुर की पुलिस और दो गाड़ियों में पुलिस लाइन के जवानों ने इस गांव को घेराबंदी की. बदमाशों से निपटने के लिए पुलिस बल वज्र वाहन लेकर पहुंचा था लेकिन न तो भैंसें मिलीं और न ही आरोपित पुलिस के हाथ लगे. रविवार रात को भैंसों को ढूंढ़ने गए पुलिसकर्मियों पर फायरिंग करने पर कालीपीठ थाना प्रभारी मोहरसिंह मंडेलिया की शिकायत पर चार नामजद सहित कुल 12 ग्रामीणों के खिलाफ केस दर्ज किया है. यह पहला मौका नहीं है जब पुलिस ने नेताओं की भैस ढूंढने में अपना पूरा जोर लगा दिया हो. 

छात्रों के परीक्षा रिजल्ट में पास की जगह फेल लिख दिया

बड़ी ख़बर: आसाराम को उम्रकैद

फर्जी मंत्री को पुलिस ने हिरासत में लिया