11 साल के बच्चे की अकलमंदी आई काम, कोरोना से परिवार की बचाई जान

मध्य प्रदेश के कई जिलों में कोरोना कहर बरपा रहा है. हाल ही में ग्वालियर से एक ऐसा मामला सामने आ रहा है जो की हैरान कर देने वाला है.11 साल का पंकज, मां राजकुमारी, छाेटे भाई देव के साथ अहमदाबाद से लौटा तो प्रशासन ने रेलवे स्टेशन के बहुउद्देश्यीय भवन (होटल एंबियंस) में सभी को क्वारेंटाइन कर दिया, लेकिन दाे दिन तक काेराेना का सैंपल नहीं हाेने से पंकज खफा हाे गया. वह सैंपल कराने के लिए अड़ गया. इसके लिए उसने छत से कूदने तक की धमकी भी दे डाली.

हालांकि, इस खबर के बाद माैके पर पुलिस टीम पहुंची. वहीं, सीएमएचओ से बात कर एंबुलेंस बुलवाई और पंकज, उसकी मां और भाई को सैंपल कराने के लिए भेजा गया. ये वाक्या 13 मई का है. शुक्रवार को रिपोर्ट सामने आई तो पंकज कोरोना संक्रमित पाया गया, लेकिन अच्छी बात तो ये रही कि उसकी मां और 4 साल के भाई को संक्रमण नहीं पाया गया. एक तरह से यदि पंकज जिद न करता और सैंपल लेने में देरी होती तो उन्हें भी संक्रमण होने की आशंका थी.

बता दें की राजकुमारी अपने बेटे पंकज और देव के साथ अहमदाबाद से लाैटने के बाद महाराजपुरा स्थित अपने मायके चली गईं थीं. सूचना मिलने पर आशा कार्यकर्ता वहां पहुंचीं और उन्हें लेकर ग्वालियर लौटीं. यहां पर तीनों को हाेटल एंबियंस में क्वारेंटाइन कर दिया गया. प्रशासनिक अफसर आईसीएमआर की गाइडलाइन का हवाला देकर इनके सैंपल नहीं ले रहा था. दो दिन तक सैंपल नहीं लिए जाने से पंकज ने सब्र खो दिया और उसने मां से कहा कि यदि सैंपल नहीं लिए गए तो मैं होटल की छत से कूद जाऊंगा. क्वारेंटाइन सेंटर में माैजूद स्टाफ ने यह जानकारी पुलिस काे दे दी और फिर सभी के सैंपल कराए गए.

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