100 वर्षीय महिला ने पेश की मिशाल, अपनी सकारात्मक सोच के सहारे जीती कोरोना से जंग

Sep 17 2020 12:40 PM
100 वर्षीय महिला ने पेश की मिशाल, अपनी सकारात्मक सोच के सहारे जीती कोरोना से जंग

गुवाहाटी: COVID-19 वायरस महामारी खतरे के मध्य इस घातक रोग के विरुद्ध पुरे विश्व के व्यक्ति जंग लड़ रहे हैं। पुरे विश्व में अब तक करोड़ों लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। केवल भारत में अब तक 50 लाख से ज्यादा व्यक्ति COVID-19 से संक्रमित हो चुके हैं। COVID-19 के विरुद्ध इस जंग में हजारों व्यक्ति अपनी जान गंवा चुके हैं, परन्तु इनमें से कई व्यक्ति विपरीत हालातों के बाद भी COVID-19 के विरुद्ध जंग जीतने में सफल रहे हैं। ऐसे व्यक्ति अपनी पॉसिटिव सोच को COVID-19 के विरुद्ध ढाल बनाकर लड़े।

वही ऐसा ही एक मामला असम से सामने आया है, जहां एक 100 वर्ष की वृद्ध महिला ने COVID-19 के विरुद्ध जंग जीती है। डॉक्टरों ने कहा कि भले ही उनके साथ उम्र ना हो, किन्तु इस वृद्ध महिला ने COVID-19 के विरुद्ध जंग अपनी सकारात्मक सोच से जीती है। असम की सबसे वृद्ध महिला हांडिक को बुधवार को गुवाहाटी के महेंद्र मोहन चौधरी हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया। यह वृद्ध महिला ओल्ड एज होम की रहवासी थी। COVID-19 सकारात्मक पाए जाने के दस दिन पूर्व हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया।

साथ ही इस वृद्ध महिला का उपचार कर रहे डॉक्टरों तथा नर्सों ने उनके डिस्चार्ज होने से पूर्व एक छोटी सेलिब्रेशन पार्टी भी की। इस पार्टी में वृद्ध महिला सम्मिलित भी हुईं तथा उन्होंने असामी भाषा में एक गाना भी गाया। यह उनकी जिंदादिली तथा सकारात्मकता को दिखाता है। हांडिक, जिन्हें हॉस्पिटल में सभी अता के नाम से पुकारते थे, उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि वह उनका हॉस्पिटल में अच्छे से ख्याल रखा गया, उन्होंने रहने तथा खाने का भरपूर आनंद लिया। वही ये वृद्ध महिला सभी के लिए मिशाल है।

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