100 साल की हथिनी के साथ होगा ये खास काम

100 साल की हथिनी के साथ होगा ये खास काम

किसी भी अनोखे काम के लिए आपका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में लिखा जाता है, जो किसी के लिए भी गर्व की होती है. कोई भी ऐसा काम जो दुनिया में अनोखा हो या कोई भी ऐसी चीज़ अनोखी हो उसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया जाता है. ऐसे ही एक और चीज़ का नाम इस बुक में शामिल होने वाला है जिसके बारे में हम बताने जा रहे हैं.

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आपको बता दें, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में किसी इंसान का नहीं बल्कि जानवर का नाम शामिल होने जा रहा है. जी हाँ, इंसानों के साथ अब जानवरों का नाम भी इस बुक में शामिल होगा. दरअसल, सबसे उम्रदराज हथिनी का नाम वत्सला है जिसके नाम को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है. ये हथिनी मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व की सबसे उम्रदराज मानी जा रही है जिसकी उम्र करीब 100 साल की है और इसी कारण उसका नाम गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो रहा है जिसके चलते उसके जन्म से संबंधित रिकॉर्ड मंगाए गए हैं. इसके जन्म का पूरा रिकॉर्ड केरल प्रान्त के नीलांबुर फॉरेस्ट डिवीजन से मंगाया गया है.

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खबरों की मानें तो केरल के नीलांबुर फॉरेस्ट डिवीजन में ही हुआ है जहाँ पर ये पली है. केरल के बाद वत्सला को मध्यप्रदेश के होशंगाबाद के बोरी अभयारण्य में लाया गया और बाद में ये 1992 में ये पन्ना टाइगर रिजर्व में लाई गई. ये खास हथिनी पहले अपनी पीठ पर पर्यटकों को बैठा कर सैर भी कराती थी लेकिन अब ये बुजुर्ग हो चुकी है जिसके चलते इससे अब ये काम नहीं कराया जाता. जैसे ही वत्सला के कागज़ मध्य प्रदेश आ जायेंगे वैसे ही उसका नाम बुक में शामिल हो जायेगा.

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