विद्यार्थियों को मिले रोजगारपरक शिक्षा देने और प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए 100 करोड़

Jan 15 2020 05:14 PM
विद्यार्थियों को मिले रोजगारपरक शिक्षा देने और प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए 100 करोड़

हिमाचल के सरकारी स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने सौ करोड़ की राशि जारी किया जा रहा है। यह राशि नौवीं से जमा दो कक्षा के विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा देने और प्री प्राइमरी कक्षाओं को सुदृढ़ करने और स्कूलों में कंप्यूटर लैब का विस्तार करने पर खर्च हो सकती है।वही  समग्र शिक्षा अभियान के तहत केंद्र सरकार ने हिमाचल को यह बजट जारी किया है। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि केंद्र सरकार से 90:10 के अनुपात में यह बजट मिला है। करीब 91 करोड़ केंद्र ने दिए हैं, फिलहाल नौ करोड़ राज्य सरकार देगी।

सरकारी स्कूलों में वोकेशनल शिक्षा देने के लिए कई जिलों के स्कूलों में नए विषय शुरू किए गए हैं। इन विषयों को रोजगार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। कॉलेजों में भी सरकार ने वोकेशनल डिग्री शुरू की है। ऐसे में वोकेशनल शिक्षा को मजबूत करने के लिए केंद्र ने यह बजट जारी किया है। इसके अलावा सूबे के करीब चार हजार स्कूलों में चलाई जा रही प्री प्राइमरी कक्षाओं में पढ़ने वाले करीब 47 हजार विद्यार्थियों को भी इस बजट के प्राप्त होने के बाद बेहतर सुविधाएं मिल सकती है ।

इनके लिए मिड-डे मील के बजट का इंतजाम भी इस राशि से होगा। इसके अलावा अभी शिक्षा विभाग जुगाड़ तंत्र से ही नर्सरी-केजी में पढ़ने वाले बच्चों को दोपहर का भोजन उपलब्ध करवाता है। स्कूलों में आईसीटी लैब का दायरा भी इस बजट से बड़सकता है। वही सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और टीचर ट्रेनिंग को मिलाकर समग्र शिक्षा अभियान बनाया गया है। इसके अलावा यह बजट नई योजनाएं शुरू करने, खेल गतिविधियां बढ़ाने, पुस्तकालयों को मजबूत करने, डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देने पर भी खर्च हो सकता है ।

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