100 वर्ष पहले बैरिस्टर बनकर दिल्ली आये थे बापू

Apr 13 2015 11:48 AM
नई दिल्ली : 12 अप्रैल का दिन यूं भले ही लोगों के लिये खास नहीं रहा हो लेकिन उस दिन की स्मृतियों को ताजा अवश्य करता है जिस दिन महात्मा गांधी ने दिल्ली में पहली बार कदम रखे थे। इतिहासकारों के अनुसार आज से सौ वर्ष पहले दक्षिण अफ्रीका से बैरिस्टर बनकर महात्मा गांधी दिल्ली आये थे।
 
वे बैरिस्टर ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय राष्ट्रवादी चिंतक एवं संगठनकर्ता की भी छबि अपने साथ दिल्ली लेकर आये थे। इतिहास गवाह है कि 12 अप्रैल 1915 के दिन मोहनदास करमचंद गांधी अपने राजनीतिक गुरू गोपालकृष्ण गोखले की सलाह पर भारत को गहराई से जानने के लिये दिल्ली पहुंचे थे। इस बात के दस्तावेज भी गवाह है कि बैरिस्टर के रूप में गांधी दो दिनों तक दिल्ली में रहे और उन्होंने इस दौरान लाल किला, कुतुबमीनार, संगम थियेटर और सेंट स्टीफेंस काॅलेज आदि स्थानों का भ्रमण किया। 
 
इतिहासकारों ने बताया कि बापू ने वैसे तो कई बार दिल्ली का दौरा किया था लेकिन बैरिस्टर के रूप में उनका दिल्ली आना इसलिये महत्वपूर्ण था क्योंकि वे भारत के जीवन को नजदीक से समझने के लिये देश भ्रमण पर निकले थे। दिल्ली आगमन के दौरान उनके साथ उनकी पत्नी कस्तूरबा गांधी और सहयोगी रावजीभाई कोटवाल, देवधर आदि भी थे। दिल्ली के बाद गांधीजी देवधर के साथ ही आगे की यात्रा पर गये थे।
 
 
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