मोदी के चार साल, जनता के बुरे हाल

भारतीय जनता पार्टी की सरकार को देश में बने हुए पुरे 4 साल हो चुके है. बीजेपी की तरफ से 4 साल पहले सरकार बनने के साथ ही माननीय नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ के पहले लोगों का भरोसा जीतने के लिए ढेरों वादें किए है, भाषणों में मोदी ने देश के युवाओं, गरीबों, किसानों को लेकर कई बड़े-बड़े वादे किए थे, जो अब भी सिर्फ वादें ही है, ये वादें आज भी जमीनी स्तर पर पूरा होने के ख्वाब में वैसे ही बैठे है जैसे ही 4 साल पहले थे. आइए देखते है मोदी सरकार के कुछ वादें जो अब तक पुरे नहीं हुए.
 
1) मोदी सरकार का देश की जनता को 15 लाख रुपए देने का वादा जो आज भी सोशल मीडिया पर सरकार के गले की हड्डी बना हुआ है, मोदी सरकार ने अपने किए हुए इस वादे को तो पूरा नहीं किया लेकिन साथ ही बैंकों के नियमों में नोटबंदी के बाद जो बदलाव हुए है, उससे देश की जनता आज भी परेशान है.
 
2) मोदी सरकार से अब तक अगर सबसे ज्यादा कोई परेशान है तो वो है देश के किसान. केंद्र सरकार से किसानों के लिए कोई खास मदद नहीं मिली और जो मदद मिली है वो सिर्फ कागज़ों पर है. चुनाव से पहले मोदी ने किसानों को उनकी लागत से 50 प्रतिशत ज्यादा समर्थन मूल्य देने का वादा किया था लेकिन यह वादा भी अभी तक वादा ही है. 
 
3) चुनाव से पहले जगह-जगह सड़कों, गलियों में होर्डिंग्स लगे थे जिन पर लिखा था, "बहुत हुई जनता पर पेट्रोल डीजल की मार, अबकी बार मोदी सरकार" अब की बार मोदी सरकार तो हो गई लेकिन पेट्रोल डीजल से जनता को मार पड़ती थी वो अब पहले से बढ़ गई है. पेट्रोल डीजल से आम आदमी जिस तरह परेशान है उस पर सरकार के द्वारा कोई ठोस कदम उठाया जाना तो दूर उल्टा पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ाए जा रहे है. 
 
4) गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी ने एक चुनावी रैली को सम्बोधित करते देश के युवाओं को 1 करोड़ नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद बीजेपी उन युवाओं को भूल गई, जिसके बल पर वो सत्ता में आई थी, उल्टा हुआ ये कि नोटबंदी के बाद कई लोगों की नौकरी पर इसका सीधा नकारात्मक प्रभाव पड़ा. 

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