चीन से आयात पर 60 अरब डॉलर का अमेरिकी टैरिफ

वाशिंगटन : अब इसे अमेरिका की ओर से व्यापार युद्ध की शुरुआत कहें या मनमानी कि अमेरिका ने अपनी बौद्धिक संपदा को ‘अनुचित’ तरीके से जब्त करने के लिए बीजिंग को दंडित करने के लिए चीन से आयात पर 60 अरब डॉलर का टैरिफ लगाने की घोषणा की है.ट्रम्प के इस फैसले से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

बता दें कि अमेरिका ने बौद्धिक संपदा की चोरी के मामले की सात माह की जांच के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि को चीन से आयात पर 60 अरब डॉलर का टैरिफ लागू करने को कहा है. ट्रंप के अनुसार अमेरिका बौद्धिक संपदा की चोरी की बहुत बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है.इस फैसले से देश को मजबूती और सम्पन्नता मिलेगी.

जबकि दूसरी ओर अमेरिका के इस फैसले से बौखलाए चीन ने अमेरिका को कड़ा जवाब देने की बात कही है. ऐसा माना जा रहा है कि ट्रंप के फैसले के जवाब में चीन अमेरिका के पोर्क, एल्मुनियम समेत अन्य सामानों पर टैरिफ बढ़ा सकता है.इस तरह दोनों व्यापारिक देशों के बीच व्यापार युद्ध शुरू होने की आशंका है.अमेरिका के इस फैसले से एक बार फिर दुनिया पर व्यापार युद्ध का खतरा मंडराने लगा है. कारोबार की इस लड़ाई दरअसल दो देशों के बीच होने वाले संरक्षणवाद का नतीजा है. यह स्थ‍िति तब निर्मित होती है, जब कोई देश किसी देश से आने वाले सामान पर टैरिफ ड्यूटी बढ़ाता है, जिसके जवाब में दूसरा देश भी अपने देश में टैरिफ ड्यूटी बढ़ा देता है.फिर यह अंतहीन सिलसिला शुरू हो जाता है.

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