निर्भया कांड के बाद पहली बार नाबालिगों को हत्या के लिए मिली उम्रकैद की सजा

झाबुआ। एक विद्यार्थी की हत्या करने के मामले में दो नाबालिगों बबलू 17 वर्ष, राजा उर्फ राजकुमार 16 वर्ष 6 माह को उम्रकैद और 15 - 15 हजार रूपए के जुर्माने की सजा दी गई है। दरअसल ये लड़के नाबालिग थे और इन्हें लेकर जुवेनाईल जस्टिस एक्ट में कार्रवाई की गई थी। हालांकि दोनों ही नाबालिकों की मानसिकता और परिपक्वता की जांच की गई थी। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपियों बबलू और राजा ने महज 800 रूपए के लिए अयोध्या बस्ती में रहने वाले राधू पालिया 15 वर्ष की हत्या कर दी।

राधू अपने विद्यालय से लौट रहा था। रास्ते में मारूति नगर के सोनटिया ने उससे 800 रूपए की मांग की। जब राधू ने रूपए नहीं दिए तो बबलू ने उस पर चाकू से वार कर दिया। राधू घायल हो गया जिसे चिकित्सालय में भती करवाया गया लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों बबलू और राजकुमार को पकड़ लिया। न्यायालय ने इस मामले में यह कहा था कि ये अपराध की गंभीरता जानते थे और यह भी जानते थे कि अपराध का परिणाम क्या होगा।

जुवेनाईल जस्टिस न्यायालय में सुनवाई के बाद यह मामला सेशन न्यायालय भेज दिया गया। सेशन न्यायालय में एडीशनल सेशन जज एए खान की के न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई की। मगर आरोपियों को लेकर अन्य अपराधियों की तरह ही उन्होंने मामले को लिया। जिसके बाद दोनों आरोपियों बबलू और राजा की आम्र्स एक्ट, 302, 34 के तहत प्रकरण में सुनवाई की गई।

आरोपियों को लेकर 3 वर्ष कारावास और 5 हजार रूपए जुर्माना तय किया गया था। यह सजा आम्र्स एक्ट में दी गई थी जबकि हत्या को लेकर आरोपियों को 10 हजार रूपए - 10 हजार रूपए के जुर्माने के ही साथ उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। मिली जानकारी के अनुसार 5 दिसंबर के दिन 16 चाकू मारकर इन लोगों ने विद्यार्थी राधू पालिया 15 वर्ष की हत्या कर दी थी। निर्भया हत्याकांड के मामले में अपराधी को सजा दिए जाने के बाद संभवतः यह दूसरा मामला है जिसमें नाबालिगों को उम्रकैद की सजा दी गई।

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