ऐसे व्यक्ति होते हैं जीवन में सफल

हर व्यक्ति के जीवन जीने का तरीका अलग-अलग होता है तथा सभी को अपना जीवन स्वतंत्र रूप से जीने का अधिकार प्राप्त है. अब यह बात हमारे ऊपर निर्भर करती है, कि हम अपना जीवन दूसरों को ध्यान में रखकर जीते हैं या दूसरों की बातों को नजरअंदाज कर अपना जीवन व्यतीत करते हैं.

मनुष्य का जीवन प्रकृति का दिया गया एक अनमोल उपहार है, इसे इस प्रकार संवारकर रखना चाहिए की यह दूसरों को भी सुंदर लगे. हमारे अंदर प्रेम, दया, करुणा आदि इन सभी भावों का होना आवश्यक है, जो प्रकृति का विशेष गुण है. इसी के द्वारा व्यक्ति की पहचान होती है. क्योंकि व्यक्ति चाहे जितना भी धनवान, ज्ञानी क्यों न हो जाए, यदि उसमे इन भावों का आभाव होता है, तो उसे कोई भी अच्छा नहीं कहेगा.

मानव समाज में कई व्यक्ति ऐसे होते है, जो सभ्य और सुसंस्कृत बनने का दिखावा करते है, जिसके कारण कई बार वह समाज में उपहास का पात्र बन जाते है. इसका मुख्य कारण यह होता है की वह अपने मौलिक स्वाभाव को भूलकर दिखावे की दुनिया में जीते हैं. व्यक्ति को हमेशा अपनी वाणी पर संयम रखना चाहिए, क्योंकि अनावश्यक वचन हमें आलोचना का पात्र भी बना सकते है.

व्यक्ति के जीवन में परोपकार ही सबसे बड़ा धर्म है, जो व्यक्ति के जीवन को सुंदर बनाता है. परोपकारी व्यक्ति समाज में प्रेम व सम्मान प्राप्त करता है. क्योंकि जो व्यक्ति स्वार्थी होता है और आर्थिक रूप से सक्षम होने पर भी लोभ करता है, उसे समाज में सम्मानित दृष्टि से नहीं देखा जाता. जो व्यक्ति प्रकृति के गुणों को अपना कर अपना जीवन जीता है वह हर क्षेत्र में सफल, सम्मानित और प्रतिष्ठित होता है.

 

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