प्रदेश का दर्द खत के जरिये बच्ची ने पीएम को भेज़ा

देहरादून: आपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात कई बार सुनी होगी. इसका असर देश में हो रहा है. मगर इस तरह की मन की बात एक छोटी सी बच्ची ने खुद पीएम मोदी को एक चिठ्ठी के जरिये भेजी हैं. उसे भरोसा है कि उनके पत्र को पीएम मोदी जरूर पढ़ेेंगे. रुद्रप्रयाग में नालंदा पब्लिक स्कूल में 7वीं में पढने वाली आकांक्षा नेगी ने अपने मन की बात प्रधानमंत्री को खत के जरिये भेजी है.

पत्र की शुरुआत बेहद संजीदा शब्दों में की गई है. आकांक्षा ने पीएम को लिखे अपने भावुक पत्र की शुरूआत करते हुए लिखा कि ‘आदरणीय प्रधानमंत्री जी, मेरा पहाड़ दर्द झेल रहा है, पलायन से गांव खाली हो रहे हैं. घरों की रखवाली के लिए बुजुर्ग रह गए हैं. स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं नहीं होने से छात्र-छात्राओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. सर, आप उत्तराखंड की राजधानी गैरसैंण बनवा दीजिए, जिससे पहाड़ के लोगों को मूलभूत सुविधाएं मिल सके. पत्र में उसने लिखा कि उसके पिता को देहरादून आने-जाने में पलायन के दर्द को भोगना पड़ता है.

आकांक्षा ने पीएम मोदी से एक सवाल भी पूछा है कि आपने ही कहा था कि पहाड़ों की जवानी और पहाड़ों का पानी पहाड़ों के काम ही आएगा ऐसा कब होगा?. इस बेहद मार्मिक पत्र में बच्ची ने अपने समूचे राज्य का दर्द समेट कर भेजा है . सरकार से अपील की है और प्रदेश की समस्याओं पर रौशनी डाली है.

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