सेक्सुअल रिलेशन को अब शादी के बराबर माना जाएगा...

लम्बे समय से चले आ रहे शारीरिक संबंधों को लेकर सुप्रीम कोर्ट अब किसी बड़े कानून के बारे में विचार कर रही है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार से राय मांगी है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि "क्या लम्बे समय से चले आ रहे शारीरिक संबंधों को शादी की तरह माना जाए, और साथ ही इन मामलों में पुरुष साथी की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए." 

जस्टिस आदर्श गोयल और जस्टिस एसए नजीर ने भारत के एटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल को एक नोटिस जारी किया है. जजों ने उनसे आग्रह किया है कि इस संबंध में कोर्ट की मदद के लिए वह एक एडिशनल सॉलिसिटर जनरल को नियुक्त करें. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को इसलिए उठाया है क्योंकि लम्बे समय से चले आ रहे रिश्तों में एक समय के बाद असमंजस की स्थिति बन जाती है, जिसके बाद कई महिलाएं पुरुष पार्टनर पर रेप केस का आरोप लगा देती थी, जिसके चलते इस मामले में विचार चल रहा है. 

रेप केस के ऐसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट अब विचार कर रही है कि दोनों पार्टनर के आपसी तालमेल के बाद पुरुष पार्टनर की जिम्मेदारी तय की जाएगी. वहीं सुप्रीम कोर्ट के इस विचार के बाद केंद्र सरकार का इस बारे में क्या जवाब होता है यह देखा जाना बाकि है. लम्बे समय के बाद ऐसे मामलों को सुप्रीम कोर्ट में बड़ी मजबूती के साथ उठाया जा रहा है, जो आगे चलकर ऐसे रिश्तों के लिए लाभदायक साबित होगा.

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