RBI डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने दिया इस्तीफा, 6 महीने बाद ख़त्म होने वाला था कार्यकाल

नई दिल्‍ली: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डिप्‍टी गवर्नर विरल आचार्य ने अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया है. न्‍यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि आचार्य ने अपने कार्यकाल के समाप्त होने से छह माह पहले ही इस्‍तीफा दे दिया है. हालांकि आरबीआई के सूत्रों ने अभी तक उनके इस्‍तीफे की पुष्टि नहीं की है. बताया जा रहा है कि सोमवार दोपहर तक आरबीआई इस संबंध में अपना आधिकारिक बयान जारी कर सकता है.

उल्लेखनीय है कि विरल आचार्य ने 2017 में आरबीआई को ज्‍वाइन किया था और उनका तीन वर्ष का कार्यकाल जनवरी, 2020 में ख़त्म होना था. उनके इस्‍तीफे की पुष्टि होने की दशा में आरबीआई में शीर्ष स्‍तर पर दो पद रिक्त हो जाएंगे. आचार्य के इस्‍तीफे के बीच एनएस विश्‍वनाथन तीन जुलाई, 2019 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. विरल आचार्य मौद्रिक नीति, रिसर्च और वित्‍तीय स्थिरता से सम्बंधित मामले देखते थे. विश्‍वनाथन बैंकिंग रेलुगेशन और रिस्‍क मैनेजमेंट डिपार्टमेंट के प्रमुख हैं.

इस तरह आरबीआई में छह माह के अंदर ये दूसरा बड़ा हाई-प्रोफाइल इस्‍तीफा है. दिसंबर में गवर्नर उर्जित पटेल ने सरकार से मतभेदों के कारण अपने कार्यकाल समाप्त होने के नौ माह पहले इस्‍तीफा दे दिया था. गौरतलब है कि सितंबर 2016 में उर्जित पटेल के गवर्नर बनने के बाद विरल आचार्य को उनके स्थान पर डिप्‍टी गवर्नर के रूप में नियुक्‍त किया गया था. उनका कार्यकाल तीन वर्ष का था. उनके इस्‍तीफे के साथ ही अब आरबीआई में तीन डिप्‍टी गवर्नर बचे हैं, जिनके नाम हैं एनएस विश्‍वनाथन, बीपी कानूनगो और एमके जैन. 

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