राजस्थान - डॉक्टर हड़ताल पर, मरीजों की मौत

राजस्थान में डॉक्टरों की हड़ताल खत्म होने का नाम नहीं ले रही और उधर मरीजों की ज़िंदगी खत्म होती जा रही है. राज्य में रोजाना तीन से चार मरीज इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं, लेकिन सरकार और डॉक्टर दोनों टस-से-मस नहीं हो रहे हैं. राजस्थान हाई कोर्ट ने डॉक्टरों को काम पर लौटने को कहा है, लेकिन डॉक्टरों की हड़ताल जारी है. रेजिडेंट डॉक्टरों और इंटर्न डॉक्टरों के भी हड़ताल में शामिल होने से मेडिकल कॉलेजों के अस्पतालों में भी हालात बिगड़ गए हैं.

हड़ताल के बाद से अजमेर में ही 40 से ज्यादा मौत हुई है. हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि 1 सप्ताह में 15 से 20 मौतें हो जाती हैं. हड़ताल खत्म जारी रखते हुए डॉक्टरों का कहना है कि सरकार अपनी दमनकारी नीति पर कायम है. डॉक्टरों को पकड़-पकड़ कर जेल में डाला जा रहा है. डॉक्टर डर से भूमिगत हो गए हैं.

उधर राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सर्राफ ने कहा है कि “डॉक्टरों के साथ नवंबर में हुए समझौते के सभी 12 मांगें सरकार ने मान ली हैं, लेकिन डॉक्टर जिद पर अड़े हैं कि अपने नेता डॉक्टरों के ट्रांसफर रद्द किए जाएं. हाई कोर्ट ने भी इनके ट्रांसफर को सही ठहराया है.” इधर डॉक्टरों के अभाव में बेहाल स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने के लिए सेना, बीएसएफ और रेलवे के डॉक्टरों की मदद ली जा रही है. सीनियर डॉक्टर भी अपनी सेवा दे रहे हैं.

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