जानिए क्यों महाराष्ट्र कांग्रेस ने की अर्नब गोस्वामी को गिरफ्तार करने की मांग

मुंबई: महाराष्ट्र कांग्रेस ने बीते शुक्रवार को आधिकारिक राज अधिनियम, 1923 के तहत राजद्रोह के लिए रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक (एडिटर इन चीफ) अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी की मांग की है। इस मांग को लेकर कांग्रेस ने सभी जिलों और विभिन्न शहरों में विरोध प्रदर्शन किया है। आप सभी को बता दें कि राज्य के विभिन्न स्थानों पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अर्नब गोस्वामी की तस्वीरों पर पत्थर और जूते मारे।

इसी के साथ अर्नब की तस्वीरों को चप्पलों से सजाकर विरोध भी जताया। खबरों के अनुसार इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता भारतीय जनता पार्टी और अर्नब के खिलाफ नारे लगाने में भी आगे रहे। जी दरअसल राज्य के कांग्रेस अध्यक्ष और राजस्व मंत्री बालासाहेब थोराट के नेतृत्व में महाराष्ट्र के सभी 36 जिलों में कई मंत्री, विधायक, राज्य और जिला पार्टी के नेता प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वालों की लिस्ट में धीरज देशमुख, प्रिणीती शिंदे, सुरेश वारपुड़कर, सुलभा खोडके, विकास ठाकरे, हिशब उस्मानी, शरद अहेर, प्रहलाद चव्हाण, प्रकाश देवताले, विजय भोसले, संदीप पाटिल और श्याम सनेर शामिल रहे। आप सभी को पता ही होगा कि बीते दिनों ही अर्नब गोस्वामी और पूर्व बार्क सीईओ पार्थो दासगुप्ता के बीच व्हाट्सएप चैट वायरल हुई थी।

इसी को आधिकारिक राज अधिनियम, 1923 का उल्लंघन करार देते हुए थोराट ने कहा, 'यह बातचीत 'राजद्रोह' की श्रेणी में आती है, जिसके लिए रिपब्लिक टीवी के प्रमुख को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।' इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि 'दोनों के बीच की बातचीत ने राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित कुछ गंभीर खुलासे किए हैं और यह फरवरी 2019 में पाकिस्तान के बालाकोट में भारत द्वारा किए गए जवाबी सर्जिकल स्ट्राइक से संबंधित है।' इसी के साथ आगे उन्होंने यह भी कहा, "कार्रवाई शुरू होने से तीन दिन पहले फरवरी 2019 के हवाई हमलों की सूचना गोस्वामी को कैसे मिली? सरकार में कौन 'बड़ा नाम' है, जिसका वह जिक्र कर रहे हैं?"

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