अन्ना का सपना टूटा, सत्ता के लोभ में सिद्धांतों को भूले केजरीवाल

रालेगण सिद्धि : अन्ना हजारे अरविंद केजरीवाल पर लगे आरोपों से दुखी है.अन्ना बोले शुंगलू कमेटी की रिपोर्ट में दिल्ली के सीएम के खिलाफ आरोपों को पढ़ने के बाद मुझे ठेस पहुंची है. वह भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में मेरा सहयोगी था. उस समय मुझे लगा कि आज की युवा शिक्षित पीढ़ी देश से भ्रष्टाचार को दूर करने में मेरी मदद कर सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और मेरा सपना टूट गया.

एक समाचार एजेंसी के अनुसार अन्ना ने शुक्रवार को अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि दिल्ली के सीएम सत्ता के चक्कर में पड़कर सभी सिद्धांतों को भूल चुके हैं. केजरीवाल द्वारा आम आदमी पार्टी बनाने के बाद मुझे यह आभास हो गया था कि वह मुझे गुरु क्यों कहता था. केजरीवाल के सीएम बनने के बाद मेरी कभी उससे मिलने की इच्छा नहीं हुई. मुझे यह महसूस हुआ कि यहां मेरी छवि बर्बाद हो जाएगी. भगवान का शुक्र है कि उन्होंने मुझे बचा लिया.

बता दें कि अन्ना हजारे ने केजरीवाल द्वारा कथित तौर पर संविधान का पालन ना करने पर भी आपत्ति ली . केजरीवाल के व्यवहार से अन्ना इतने दुखी हो गए कि उन्होंने भविष्य में कभी भी केजरीवाल का साथ नहीं देने की भी बात कही, क्योंकि उन्होंने मेरी सभी उम्मीदों को तोड़ दिया.अन्ना ने कहा कि मैं दिल्ली सरकार की किसी भी नीति का समर्थन नहीं करता क्योंकि उनके बर्ताव से देश और समाज को नुकसान पहुंचा है. अब अन्ना को शायद ऐसा लगने लगा है कि केजरीवाल ने उन्हें सत्ता पाने के लिए सीढ़ी की तरह इस्तेमाल किया.

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