इतिहास हमेशा अलग होता है और फिल्म कोई डाक्यूमेंटरी नहीं होती

देखा जाए तो बॉलीवुड के दिग्गज फिल्म निर्देशक बोले तो हमारे मधुर भंडारकर जिनकी फिल्म पर फ़िलहाल युद्ध चल रहा है. देखा जाए तो उनकी अन्य फिल्मों की तरह उनकी फिल्म 'इंदु सरकार' को भी असलियत के काफी करीब माना जा रहा है. यही वजह है कि इसकी रिलीज को लेकर काफी विरोध हो रहा है. बता दें कि इंदु सरकार में इमरजेंसी के दौर को दिखाया गया है. इसमें नील नितिन मुकेश का किरदार संजय गांधी से प्रेरित बताया जा रहा है. जी हाँ बता दे कि, इंदु सरकार पर पूर्व में सेंसर ने भी कांटछाटी की थी. दरअसल इमरजेंसी के इर्द गिर्द बनी निर्देशक मधुर भंडारकर की फ़िल्म 'इंदु सरकार' को लेकर कुछ कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने पिछले दिनों अराजकता की है.

उन्हें कई कार्यक्रम भी रद्द करने पड़े. इन घटनाओं के बाद से ही इमरजेंसी, राजनीति और फ़िल्मों को लेकर सवाल मन में घूम रहे हैं. जी हाँ बता दे कि, निर्देशक मधुर भंडारकर की फिल्म 'इंदु सरकार' को भारतीय केंद्रीय फिल्म एवं प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) समिति ने 14 कट लगाने को कहा है, जिसके बाद वह सकते में हैं.

देखा जाए तो जिस प्रकार से देखा जाए तो पूर्व में मधुर भंडारकर की फिल्म इंदु सरकार पर राजनीती शुरू हो गई है व जिसके कारण हमारे फिल्म निर्देशक काफी दुखी व आहत है. अब आपको बता दे कि, मधुर भंडारकार की फिल्‍म 'इंदु सरकार' की रिलीज डेट पर लटकी कोर्ट की मंजूरी तलवार आखिरकार हट चुकी हैं. सुप्रीम कोर्ट ने इस फिल्‍म की रिलीज रोकने के लिए दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया है और यह फिल्‍म अब कल (28 जुलाई) को ही रिलीज होने वाली है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये फिल्म आर्टिस्टिक अभिव्यक्ति के पैमाने में कानून के दायरे में है. इसलिए याचिका खारिज की जाती है. 

 

'अमजद खान', 25 वीं पुण्यतिथि: फिर याद आया रामगढ़ का 'गब्बर'

'रेखा' जब ब्लेक साड़ी व माथे पर लाल बिंदी लगाती हो, कसम से आज भी दिलो को घायल कर जाती हो

Related News