मैं नपुंसक हूं: बाबा राम रहीम

नई दिल्ली: अपने पाप के घड़े में डूब चुके बाबा रामरहीम को 25 अगस्त को सीबीआई अदालत ने बलात्कार का दोषी ठहरा दिया था, जिसके लिए कोर्ट ने उसकी सजा 2 बलात्कार के आरोप में 20 साल तय की थी. वही जब 28 अगस्त (सोमवार) को बाबा को यह सजा सुनाई जा रही थी तो उस वक़्त बाबा ने खुद को बेकसूर कहते हुए जज से कुछ ऐसा कहा जिसे सुनकर जज आक्रोशित हो गए और उन्हें जंगली जानवर तक करार कर दिया.     बाबा राम रहीम को जब 28 अगस्त के दिन सीबीआई कोर्ट के जज जगदीप सिंह सजा सुना रहे थे, उस वक़्त उन्होंने जज के सामने बेहद ही आश्चर्य करने वाली दलील दी, बाबा कहते है कि, जज साहब मैं 1990 से नपुंसक हूं, इसलिए मैं दो साध्वियों के साथ 1999 में रेप कैसे कर सकता हूं. मुझपर लगे सारे चार्ज हटा देने चाहिए.

वही सूत्रों के हवाले से ज्ञात हुआ है कि बाबा की कही गई बात को सुनकर गुस्साए जज जगदीप सिंह कहते है - आप नपुंसक हैं तो आपकी दो बेटियां कैसे हुईं? इतना ही नहीं जज ने गुस्से में राम रहीम को जंगली जानवर तक करार दे दिया.

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