सरकार सिखाएगी बच्चों को जीवन जीने का सलीका

भोपाल : मध्यप्रदेश सरकार बच्चों के लिए एक नई योजना लाने वाली है  जिसमें  स्कूली बच्चों को पढाई के साथ-साथ तनाव-डिप्रेशन से बचने के तरीके भी सिखाए जाएंगे . साथ ही उनके दैनंदिनी जीवन के कामकाज में विनम्रता लाने के लिए 'थैंक्यू' और 'सॉरी' कैसे बोला जाता है उसक सलीका भी बताया जाएगा. वहीं दूसरों में अच्छाई ढूंढने के साथ अपने भीतर क्षमा और कृतज्ञता का भाव बढाने के टिप्स भी दिए जाएंगे. आनंद विभाग ने इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए भोपाल जिले के 25 स्कूलों का चयन किया है. जहां पर इस नई योजना को लागू किया जाएंगा.

इस  नई योजना को लेकर बताया जा रहा है कि इस योजना को सबसे पहले भोपाल जिले में लागू किया गया था जिसके नतीजों के आधार पर अब ये योजना को पुरे प्रदेश में लागू करने का सरकार मन बना रही है बताया जाता है कि भोपाल जिले के स्कूलों में नौवीं और ग्यारहवीं के बच्चों पर हुए पायलट प्रोजेक्ट लागू किया गया था.जिसके नतीजे काफी अच्छे आए है अब इस योजना को लागू करने के लिए राज्य आनंद संस्थान ने आनंद सभा के तहत जिन स्कूल शिक्षकों को यह जवाबदारी सौंपी है, उनके फीडबैक के आधार पर जरूरी संशोधन का विकल्प भी रखा है. सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो प्रदेश के 50 हजार से अधिक शासकीय-निजी स्कूलों में सप्ताह का एक दिन 'आनंद सभा' का पीरियड अनिवार्य कर दिया जाएग.

 

 

 खेल-खेल के जरिए बच्चों के मन में बड़प्पन के ये संस्कार डालने के लिए आनंद विभाग ने कुछ 'माड्यूल्स' विकसित किए हैं. शिक्षकों को तीन दिन की ट्रेनिंग देने के बाद इसका स्कूलों में प्रयोग भी किया गया. भोपाल के राजा भोज स्कूल के उच्च श्रेणी शिक्षक धीरेंद्र सिंह तोमर कहते हैं कि ट्रेनिंग के दौरान ये बातें बहुत छोटी लग रही थीं, लेकिन जब बच्चों पर उसका प्रयोग हुआ तो अच्छे नतीजे निकले. बच्चों ने खूब 'एंजाय' किया.

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