Video : भारत में संक्रांति पर खेला जाता है वर्चस्व की लड़ाई का पारंपरिक खेल, जानें इसके बारे में

मकर संक्रांति के पर कई खेल खेले जाते हैं। ऐसे में हम बात कर रहे हैं एक अनोखे खेल की जिसके बारे में आप नही जानते होंगे। जी हाँ , इसमें होता ये हैं कि एक खिलाडी खेत में वह हुनर सीखता था जो युद्ध में उसके काम आ सके। ये एक परंपरा भी है जो आदिकाल से चली आ रही है। इसी परंपरा का एक हिस्सा है गिंदी मेला। अब क्या है ये तो चलिए जानते हैं इसके बारे में।

दरअसल, गिंदी मेला वो है जो दो क्षेत्रों के बीच वर्चस्व के रूप में आज भी खेला जाता है जैसा की यहाँ की परंपरा है। आपको बता दे हिमालय क्षेत्र में होते होता है खास मकर संक्रांति के दिन। इस दिन इस खेल को खेलने की खास बात ये होती है कि इसमें न तो खिलाड़ियों की संख्या निश्चित होती है और ना ही समय की। इसके साथ मैदान की सीमा भी काफी होती है। जनपद पौड़ी के अलग-अलग हिस्सों में मकर संक्रांति के दिन खेले जाने वाला पौराणिक गेंदी कौथिक यानि गेंद मेला आज भी खेला जाता है।

इसमें दो क्षेत्रों के बीच गेंद पर कब्जे को लेकर वर्चस्व की लड़ाई लड़ी जाती है जिसमे सैकड़ों लोग गेहूं के खेतों में चमड़े की गेंद पर कब्जे को लेकर घंटों तक जमकर जोर आजमाईश करते हैं। ये इतना प्रचलित है की इसे देख्नने दूर दूर से लोग भी आते हैं। इस गेंद मेले को मिलन का मेला भी कहा जाता है, क्योंकि सालभर ससुराल में अपनों से मिलने के लिए बेताब विवाहिता को भी इसी मेले का इंतजार होता है ताकि वो अपनों से मिल सके।

यह भी पढे :-

मकर संक्रांति के पर्व पर कुछ इस तरह की पतंगों से भरा होता है आसमान

Video : परंपरा के मांझे में उलझा बेबस परिंदा

मकर संक्रांति पर करें सूर्य देव के इन नामो का उच्चारण, दिन होगा और भी शुभ

मकर सक्रांति पर मिया भाई अब मन्नत में उड़ाएगा पतंग

Related News