अबू सलेम का परिवार हाईकोर्ट में करेगा अपील

वाराणसी: 24 वर्ष पूर्व 12 मार्च 1993 को हुए सीरियल बम ब्लास्ट के मामले में टाडा अदालत का फैसला आ गया. अदालत ने सरायमीर निवासी अबू सलेम को उम्रकैद और शिवराजपुर के रियाज सिद्दीकी को दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई है. अबू सलेम को उम्रकैद की सजा सुनाये जाने पर अब परिजन पुर्तगाल से 2005 में हुए संधि के आधार पर हाई कोर्ट में फैसले के खिलाफ अपील करने की बात कही है.

उल्लेखनीय है कि मुंबई में 12 मार्च 1993 को हुए सीरियल बम ब्लास्ट में 257 लोग मारे गए थे. जबकि 713 लोग घायल हो गए थे. इस घटना के बाद से फरार हुए अबू सलेम को पुर्तगाल से प्रत्यर्पण संधि के आधार पर देश में लाया गया था.

बता दें कि इस मामले में टाडा की विशेष अदालत ने 16 जून को सलेम. रियाज सहित छह आरोपियों को दोषी करार दिया था. गुरूवार को अदालत द्वारा सभी आरोपियों को सजा सुनाई गई. इसमें सलेम को आजीवन कारावास जबकि रियाज सिद्दीकी को दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई गई.

इस फैसले से असंतुष्ट आजमगढ़ के सरायमीर कस्बे में होटल चलाने वाले सलेम के भतीजे मोहमद आरिफ ने मीडिया को बताया कि जब 2005 में भारत सरकार ने पुर्तगाल से सन्धि की तो उसमें फांसी और उम्रकैद की सजा ना दने की शर्त बताई थी. ऐसे में अब हम लोग टाडा की विशेष अदालत केइस फैसले के खिलाफ जाकर हाई कोर्ट में अपील करेंगे. इससे एक बात साफ है कि यह मामला अभी और लंबा चलेगा.

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