चातुर्मास में करें खाने की इन चीज़ों का त्याग

23 जुलाई को देवशयनी एकादशी है और इसी दिन से चातुर्मास भी शुरू हो रहे हैं. हिन्दू धर्म एक अनुसार इस चार माह में कोई भी मंगल काम नहीं किये जाते. 23 जुलाई 2018 से भगवान विष्णु क्षीर सागर में विश्राम के लिए चले जाते हैं जिसके बाद सारे शुभ कामों पर रोक लग जाती है. तो इसी देवशयनी एकादशी यानी आषाढ़ की शुक्ल पक्ष से लेकर कार्तिक शुक्ल एकादशी तक ये चातुर्मास मनाया जाता है. हिन्दू धर्म में इन 4 महीनों का काफी महत्व होता है.

शास्त्र के अनुसार भगवान के विश्राम पर जाने से बुरी आत्माएं सक्रिय हो जाती हैं जिसके चलते कोई भी शुभ काम नहीं किये जाते. यही चार महीने आपको पूजा पाठ अधिक करने को कहा गया है और साथ ही सेहत के लिहाज से भी अहम माना गया है. आपको बता दें, इन महीनों में आपको क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए. इन दिनों तेल, दही के साथ चावल, गुड़, मूली, बैंगन का सेवन नहीं करना चाहिए. अधिकतर लोग इसे मानते भी हैं और चार महीने के लिए खाने की ये वस्तुओं को त्याग देते हैं. 

इसी के साथ अगर अगर आपको माँ लक्ष्मी की कृपा पाना हो तो आपको भगवन विष्णु के मंत्रों का जाप करना होगा. इन चार महीनों में माँ लक्ष्मी भगवान विष्णु की लगातार सेवा करती हैं इसलिए आपको भगवान विष्णु के मंत्र जपने होंगे. इन महीनों में विवाह, उपनयन संस्कार, गृहप्रवेश जैसे मांगलिक कार्य रुक जाते हैं और इसके बाद सीधे देवउठनी एकादशी पर ही होते हैं, तब भगवान विष्णु अपने स्थान को लौट आते हैं.

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