कैप्सूल खा के बनाई हुई बॉडी, जमीन बेचकर आया हुआ पैसा, फेसबुक पर उपजा हुआ प्रेम और व्हाट्सएप्प पर पाया हुआ ज्ञान कभी नहीं टिकता है। – चाणक्य लिखना भूल गए थे! सोचा मै ही बता दु