98 वर्ष की उम्र में M.A परीक्षा पास कर, बुजुर्ग ने पेश की मिसाल

इंसान अगर अपने मन में कुछ करने की ठान ले, तो दुनिया की ऐसी कोई ताकत नहीं है, जो उसके हौसलों को पस्त कर सके. किसी भी कार्य को करने के लिए आपकी उम्र नहीं, देखा जाता है तो आपका जज्बा, लगन,और जूनून. ऐसी ही कड़ी से जुड़े कथन को सच कर दिखाया है, 98 वर्ष के बुजुर्ग राजकुमार वैश्य ने. वैश्य ने इस उम्र में पीजी की डिग्री हासिल कर नया कीर्तिमान रच दिया है.

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के निवासी राजकुमार वैश्य ने बैचलर ऑफ लॉ (एलएलबी) की पढ़ाई कम्पलीट करने के 79 वर्ष पश्चात एमए अर्थशास्त्र की परीक्षा द्वितीय श्रेणी से पास की है. वैश्य ने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एमए की शिक्षा प्राप्त की है. उन्होंने अपनी इस उम्र में सफलता का पूरा क्रेडिट अपनी बहू भारती एस कुमार और पटना कॉलेज के इतिहास विषय के प्रोफेसर को दिया है. वैश्य के पुत्र संतोष कुमार ने बताया कि यह पल हमारे लिये गर्व का पल है. वैश्य ने आजादी से पूर्व 1938 में इसी विषय में आगरा यूनिवर्सिटी से स्नातक किया था. 

प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ वैश्य की इस सफलता को गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह दी जा सकती है. इससे पहले राजकुमार अपना नाम लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड में भी दर्ज करा चुके है. उन्होंने अपनी इस सफलता पर कहा कि मैंने अपने सपने को साकार कर लिया है, मैं अब परास्नातक हो चूका हूँ. उन्होंने कहा कि मैंने यह निर्णय लिया था कि किसी भी कार्य मे उम्र कोई मायने नहीं रखती. और मैंने उसे साबित करके दिखाया है. वह युवाओं को संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें कभी अपने जीवन में हार नहीं मानना चाहिए. बस स्वयं पर विश्वास होना चाहिए.

 

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