बिट कॉइन : क्रिप्टो करंसी डीलर्स पर लग सकता बैन

नई दिल्ली : बिटकॉइन से जुड़े लोगों के लिए यह मिली -जुली खबर है.अच्छी यह कि डिजिटल करंसी बिटकॉइन गुरुवार को पहली बार इस साल पांच गुना वृद्धि के साथ 7000 डॉलर (करीब 4.51 लाख रुपये) को पार कर गया, वहीँ बुरी खबर यह है, कि भारत सरकार द्वारा गठित एक पैनल ने देश में क्रिप्टोकरंसी पर रोक लगाने का सुझाव दिया है.हालाँकि ऐसा साइबर खतरों से निपटने के लिए किया जा रहा है.

उल्लेखनीय है कि फ़िलहाल भारत में बिटकॉइन 4.90 लाख रुपये के आसपास है, वहीं अगस्त में यह 1.79 लाख रुपये था. वर्चुअल करंसी की यह ट्रेडिंग न केवल वैश्विक रूप से तेजी से बढ़ रहा है बल्कि, अच्छा रिटर्न भी दे रहा है.इसलिए इसके प्रति रुझान बढ़ा है. हालाँकि बाजार विशेषज्ञ का कहना है कि क्रिप्टोकरंसी  डीलर्स पर प्रतिबंध लगाने की बजाय सरकार को ऐसी कोशिश करनी चाहिए कि बिटकॉइन्स को कैश में खरीदने और बेचने से रोका जा सके.

आपको जानकारी दे दें कि बिटकॉइन एक डिजिटल मुद्रा है, जो किसी बैंक या सरकार से नहीं जुड़ी है. यह उपयोगकर्ताओं को गुमनाम रहते हुए पैसा खर्च करने की अनुमति देती है. यह बिटकॉइन्स अन्य उपयोगकर्ताओं के लेन-देन को प्रमाणित करने के लिए अपनी कम्प्यूटर सेवाओं का इस्तेमाल करने देने पर मिलते हैं.जिसे 'माइन' करना कहा जाता है . इसे अमरीकी डॉलर और अन्य मुद्राओं के बदले खरीदा और बेचा भी जा सकता है.बिटकॉइन्स मूल रूप से कंप्यूटर कोड की पंक्तियां हैं, जिन्हें हर बार एक मालिक से दूसरे तक भेजने के दौरान डिजिटल रूप से साइन किया जाता है.

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