अंतरजातीय विवाह का विरोध करने वाले हो जाएं सावधान

नई दिल्ली : शुक्रवार को खाप पंचायतों द्वारा ऑनर किलिंग के नाम पर की गई हत्‍या के मामले में सुनवाई के सुप्रीम कोर्ट के एमिकस क्‍यूरी राजू रामचंद्रन ने कहा कि अंतरजातीय विवाह करने वाले वयस्कों का विरोध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

आपको जानकारी दे दें कि मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने प्रेम विवाह करने वाले युवक-युवतियों पर खाप पंचायतों द्वारा किये जाने वाले अत्याचारों पर अंकुश लगा पाने में विफल रहने पर केंद्र सरकार को लताड़ लगाते हुए कहा, यदि केंद्र खाप पंचायतों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगी तो यह अदालत कदम उठाएगी.

उल्लेखनीय है कि खास तौर से हरियाणा में खाप पंचायतें अंतरजातीय विवाह करने वालों का विरोध करती है. एक गोत्र या फिर बिरादरी के सभी गोत्र मिलकर खाप पंचायत बनाते हैं. ये पांच या 20-25 गांवों की हो सकती है.जो गोत्र जिस इलाके में ज्यादा प्रभावशाली होता है, उसी का खाप पंचायत में ज्यादा दबदबा होता है.पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने खाप पंचायत को कड़ी फटकार लगाने के साथ ही उन्‍हें ऑनर किलिंग के नाम पर कानून को हाथ में न लेने की समझाइश भी दी .

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