News Trending

मुम्बई. शराब कारोबारी विजय माल्या को तक़रीबन भगौड़ा करार कर दिया हैं, उनकी तकलीफे पहले ही कम नहीं थी किन्तु अब इसमें और इजाफा हो गया हैं. कई दिनों से मांग थी की माल्या को देश लाया जाए. बता दे की एक स्पेशल कोर्ट ने शुक्रवार को इंफोर्समेंट डायरेक्ट्रेट को उन्हें ब्रिटेन से लेन की अनुमति मांगी थी. माल्या को इंडिया-यूके म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी (MLAT) पर अमल के जरिए भारत लाया जाएगा. इस तरह वह मनी लॉन्ड्रिंग केस का सामना करने से बच नहीं पाएगे.

न्यूज एजेंसी के अनुसार, प्रिवेन्शन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत इस केस की सुनवाई करने वाली स्पेशल कोर्ट ने ईडी की रिक्वेस्ट को पिछले सप्ताह स्वीकृति दी थी. बता दे की माल्या पर उनकी बंद हो चुकी कंपनी किंगफ़िशर एयरलाइन्स पर आईडीबीआई बैंक के साथ लगभग 900 करोड़ रूपये की धोखाधड़ी करने का आरोप हैं.

एक नजर MLAT पर

MLAT यानि म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी जो की भारत और ब्रिटेन के बीच 1992 में हुई थी. इसके तहत दोनों देशो के बीच आपराधिक मामले मे आरोपी शख्स को ट्रांसफर किया जा सकता हैं. इस संधि में सबूत देने और जाँच में सहयोग देने तक कई बातें शामिल हैं. बता दे की कोर्ट के इस आर्डर के आने के बाद विदेश मंत्रालय के सक्रिय होने के बाद माल्या की तकलीफे बढ़ जाएगी.

ये भी पढ़े 

व्यापमं को लेकर SC का बड़ा फैसला, खतरे में आया 634 विद्यार्थियों का भविष्य

चारा घोटाले और बोफोर्स घोटाले को अंजाम तक पहुचाने वाले CBI के पूर्व डायरेक्टर जोगिंदर सिंह का निधन

मनमोहन पर लगाए माल्या की मदद के आरोप