नई दिल्ली : गत 8 नवम्बर को पीएम द्वारा नोटबन्दी की घोषणा की गई थी. तब से सरकार यह लगातार कह रही है कि इस नोटबन्दी के भविष्य में अच्छे परिणाम मिलेंगे. यह आकलन कितना सही रहेगा यह तो वक्त बताएगा, लेकिन फ़िलहाल रियल स्टेट के व्यवसाय पर नोटबन्दी ने नकारात्मक असर डाला है.मकानों के निर्माण रुक गए हैं और नए मकान भी बहुत कम बिके हैं.

इस सम्बन्ध में रियल एस्टेट कंसलटेंसी फर्म नाइट एंड फ्रैंक ने जो रिपोर्ट पेश की है, उसके अनुसार वर्ष 2016 में घरों की बिक्री 23 प्रतिशत गिरी है. जबकि नए प्रोजेक्ट के लॉन्च में 46 प्रतिशत की कमी आई है. 2016 के आखिरी 3 महीनों में तो बिक्री पिछले साल के मुकाबले 44 फीसदी कम रही है.

बता दें कि इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि नोटबंदी के बाद इस धंधे पर और भी बुरा असर पड़ा है. पूरे देश में दिल्ली-एनसीआर में इस साल घरों की सबसे कम मांग रही है.रिसर्च फर्म नाइट एंड फ्रैंक का तो यहां तक कहना है कि 2008 के आर्थिक संकट के बाद से ये रियल एस्टेट सेक्टर का ये सबसे खराब समय रहा है.

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